दिल्ली में आबो हवा जहरीली AQI 946 के पार * Delhi NCR की हालत खराब




दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की घनी चादर छा गई है. प्रदूषण ने इतना बुरा हाल कर दिया है कि हर ओर धुंध ही धुंध दिखाई दे रही है. राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार की सुबह हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट देखने को मिली है यानी दिल्ली में हवा 'बेहद खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है. हालांकि, बुधवार की सुबह दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में आंशिक सुधार देखा गया था और कुछ समय के लिए वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से नीचे चला गया था लेकिन बुधवार की शाम हवा और खराब हो गई जिससे विजिबिलिटी भी कम हो गई और लोगों को घुटन का भी सामना करना पड़ा. यह सिलसिला गुरुवार की सुबह भी जारी रहा.


गुरुवार सुबह दिल्ली-NCR में AQI लेवल

  • आरके पुरम - 451
  • आईजीआई एयरपोर्ट - 440
  • द्वारका - 456
  • गुरुग्राम - 469
  • नोएडा सेक्टर 1 - 458
  • इंदिरापुरम - 469
  • गाजियाबाद - 421
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण में बड़ा हाथ पंजाब और हरियाणा में जल रहे पराली का भी है. पंजाब में इस साल अबतक पराली जलाने के 36 हजार 755 मामले दर्ज हो चुके हैं जो साल 2019 के मुकाबले इतने ही वक्त में 49 फीसदी ज्यादा है. बरनाला में 28 किसानों और बठिंडा में 44 किसानों पर पराली जलाने के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है. बठिंडा में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने 41 टीमों का गठन किया है जिन्हें पराली से जुड़े केसों की छानबीन का जिम्मा सौंपा गया है.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण (Pollution) का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. हवा में घुलते जहर और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच दिवाली का त्योहार चुनौतीपूर्ण है. सर्दी की दस्तक और प्रदूषण की वजह से दिल्ली के आसमान में रोज सुबह-शाम स्मॉग छाने लगा है. प्रदूषण की स्थिति को देखकर लग रहा है कि दिवाली के बाद हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं.

हर साल की तरह इस साल भी पंजाब-हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में पराली (फसलों के अवशेष) जलाने की घटनाओं से राजधानी के लोगों को प्रदूषित हवा में सांस लेना पड़ रहा है. कोरोना महामारी के बीच बढ़ते प्रदूषण और खराब हवा ने खास तौर पर उन लोगों के लिए परेशानी बढ़ा दी है, जिन्हें पहले से ही सांस से जुड़ी बीमारियां हैं.

राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता (AQI) मंगलवार को फिर से 'बहुत खराब' श्रेणी में रिकॉर्ड की गई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक शहर में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) सुबह 10 बजे 332 दर्ज किया गया. हालांकि, सोमवार को दिल्ली की हवा में मामूली सुधार दर्ज किया गया था. जब औसत एक्यूआई 293 था जो 'खराब' श्रेणी में आता है. दिल्ली में पीएम 2.5 प्रदूषक कणों में पराली जलाने की भागीदारी 40 प्रतिशत रही है.


दिवाली के मौके पर पटाखों को लेकर जागरूकता अभियान
त्योहारी सीजन खास तौर पर दिवाली के मौके पर दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने Anti Crackers Campaign शुरू किया है. जिसके जरिए सरकार कोशिश कर रही है कि इस साल दिल्ली में सिर्फ ग्रीन पटाखे ही जलाए जाएं, जिससे पटाखों (Crackers) से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके.

प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली में सिर्फ 'ग्रीन पटाखे' बनाने, बेचने और इस्तेमाल करने की इजाजत है. इसी की पड़ताल करने के लिए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने खुद मोर्चा संभाल लिया है.

दिवाली के मौके पर बाज़ारों में केवल ग्रीन पटाखों की ही बिक्री हो यह सुनिश्चित करने के लिए मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को सदर बाजार का दौरा किया. साथ ही उन्होंने कहा, सभी संबंधित SDMs,दिल्ली पुलिस और DPCC को निर्देश दिए गए हैं कि सिर्फ ग्रीन पटाखों की ही बिक्री हो.

Delhi Air Pollution: Real-time Air Quality Index (AQI)






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